मस्जिद ए नूरानी

भारत विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है, जहाँ मंदिरों के साथ-साथ मस्जिदों का भी अपना एक विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक है तिरुपति शहर में स्थित 'मस्जिद ए नूरानी', जो न केवल एक पूजा स्थल, बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द और स्थापत्य कला का एक अनूठा उदाहरण है। यह मस्जिद अपनी शांतिपूर्ण वातावरण और आध्यात्मिक महत्व के लिए जानी जाती है, जो भारत की धार्मिक सहिष्णुता की समृद्ध परम्परा को दर्शाती है।
[hostal_shortcode titulo="मस्जिद ए नूरानी" direccion="JCP5+HVJ, Nehru Nagar, Tirupati, Andhra Pradesh 517507, भारत" imagen_url="//lh5.googleusercontent.com/vCgsT5GChKBoApBgyFBR6VszMX7p_UdvX3hiS5-27mUEliFg2Noh-Ere7sTQ4Pgs" rating="4.6/5"]यह धार्मिक स्थल शांति और आध्यात्मिकता का एक प्रमुख केंद्र है, जो विशाल प्रार्थना हॉल और सुव्यवस्थित परिसर के लिए जाना जाता है। JCP5+HVJ, नेहरू नगर, तिरुपति में स्थित, यह समुदाय को एकजुट करने और धार्मिक आयोजनों के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है। इसकी केंद्रीय स्थिति और शांत वातावरण भक्तों के लिए इसे एक अनुकूल स्थान बनाते हैं।
| बुधवार | 5am–11pm |
| गुरुवार | 5am–11pm |
| शुक्रवार | 5am–11pm |
| शनिवार | 5am–11pm |
| रविवार | 5am–11pm |
| सोमवार | 5am–11pm |
| मंगलवार | 5am–11pm |
अधिक जानकारी
मस्जिद ए नूरानी भारत में कहाँ स्थित है?
मस्जिद ए नूरानी भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के तिरुपति शहर में नेहरू नगर इलाके में स्थित है, जिसका पता JCP5+HVJ, Nehru Nagar, Tirupati, Andhra Pradesh 517507 है और यह एक प्रमुख इस्लामिक धार्मिक स्थल है।
क्या मस्जिद ए नूरानी एक ऐतिहासिक मस्जिद है?
मस्जिद ए नूरानी को एक आधुनिक मस्जिद माना जाता है, जो अपनी सुंदर वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए जानी जाती है, हालाँकि यह तिरुपति जैसे ऐतिहासिक शहर में स्थित है, जो मुख्य रूप से अपने प्रसिद्ध मंदिरों के लिए जाना जाता है।
मस्जिद ए नूरानी की रेटिंग क्या है?
मस्जिद ए नूरानी को आगंतुकों और समुदाय के सदस्यों से 4.6 की उत्कृष्ट रेटिंग प्राप्त है, जो इसके अच्छे रखरखाव, स्वागतयोग्य माहौल और धार्मिक महत्व को दर्शाती है।
क्या मस्जिद ए नूरानी में गैर-मुस्लिम भी जा सकते हैं?
हाँ, मस्जिद ए नूरानी आम तौर पर सभी आगंतुकों के लिए खुली रहती है, बशर्ते वे उचित शिष्टाचार और विनम्रता का पालन करें, जैसे कि प्रार्थना के समय का सम्मान करना और मामूली पोशाक पहनना, जो भारत में सांप्रदायिक सद्भाव का एक उदाहरण है।
