Khirki Masjid

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भारत में मस्जिदों का एक लंबा और समृद्ध इतिहास रहा है, जो देश की वास्तुकला और सांस्कृतिक विविधता का प्रमाण है। दिल्ली शहर में स्थित खिरकी मस्जिद इसी धरोहर का एक अनूठा उदाहरण है। चौदहवीं शताब्दी में तुगलक काल में निर्मित यह मस्जिद, अपनी विशिष्ट 'खिड़कियों' (खिरकी) के कारण एक अलग पहचान रखती है, जिससे इसका नामकरण हुआ। यह इमारत केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि भारतीय-इस्लामी स्थापत्य कला में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भी जानी जाती है।

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यह प्रतिष्ठान खिरकी मस्जिद के पास, मालवीय नगर के पंचशील एक्सटेंशन इलाके में स्थित है, जो इसके लिए एक रणनीतिक लोकेशन प्रदान करता है। आस-पास के आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में मौजूद ग्राहक आधार तक पहुँचना यहाँ अत्यंत सुविधाजनक है। मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण यहाँ उत्कृष्ट दृश्यता और पहुँच है, जो व्यवसाय के लिए एक प्रमुख लाभ है। इसका पता स्पष्ट और आसानी से मिल जाने वाला है, जो ग्राहकों के लिए सुगमता सुनिश्चित करता है।

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खिरकी मस्जिद का निर्माण कब और किसने करवाया था?

इस अनोखी मस्जिद का निर्माण 14वीं शताब्दी के दौरान खान-ए-जहान जुनान शाह, जो फ़िरोज़ शाह तुगलक के प्रधानमंत्री थे, ने करवाया था। यह दिल्ली सल्तनत काल की वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है।

खिरकी मस्जिद की वास्तुकला में क्या खास है?

इसकी सबसे खास बात है इसकी छत पर बनी खिड़कियाँ (खिरकियाँ), जिनसे रोशनी आती है। यह एक किलेनुमा संरचना है जिसमें चारों ओर बने छोटे गुंबद और स्तंभों वाला आँगन इसकी पहचान हैं।

खिरकी मस्जिद कहाँ स्थित है और वहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है?

यह मस्जिद दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के पंचशील एक्सटेंशन में स्थित है, जिसका पता है खिरकी एक्सटेंशन रोड। यहाँ पहुँचने के लिए मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन सबसे नज़दीक है।

क्या खिरकी मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है और इसकी रेटिंग क्या है?

हाँ, यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है और लोगों ने इसे ऑनलाइन 4.1 की रेटिंग दी है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए यहाँ जाते समय स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।