सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी
भारत में मस्जिदों का इतिहास सांस्कृतिक विविधता और स्थापत्य कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है, जिसका एक रोचक उदाहरण सूरत शहर में स्थित 'सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी' है। यह मस्जिद न केवल एक पूजास्थल बल्कि ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी महत्व रखती है, जो इस्लामी वास्तुकला की बारीकियों को दर्शाते हुए सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। सूरत जैसे व्यस्त वाणिज्यिक नगर में स्थित यह मस्जिद शहर के सामाजिक-धार्मिक जीवन में एक विशेष स्थान
[hostal_shortcode titulo="सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी" direccion="26, Lokmanya Tilak Rd, Shahpore, Sayedpura, Surat, Gujarat 395003, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_488_1772132122.jpg" rating="4.9/5"]सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी सूरत के शाहपोर क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख धार्मिक और सामुदायिक केंद्र है, जो 26, लोकमान्य तिलक रोड पर स्थित है। इसका प्राथमिक लाभ यह है कि यह एक विशाल और सुव्यवस्थित इबादतगाह प्रदान करती है, जो स्थानीय मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक एकता को बढ़ावा देती है। मस्जिद का केंद्रीय स्थान और अच्छी पहुँच इसे आसपास के निवासियों के लिए एक सुविधाजनक स्थल बनाती है। यहाँ का शांत और आध्यात्मिक वातावरण शांति और चिंतन के लिए आदर्श स्थान प्रस्तुत करता है, जिससे यह न केवल नमाज के लिए, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव और धार्मिक शिक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान बन जाता है।
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अधिक जानकारी
सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी सूरत में कहाँ स्थित है?
यह मस्जिद सूरत, गुजरात के शाहपुर इलाके में 26, लोकमान्य तिलक रोड पर स्थित है, जो सैयदपुरा क्षेत्र में आता है। यह पता भारतीय उपमहाद्वीप में इस्लामी वास्तुकला और धार्मिक स्थलों के ऐतिहासिक वितरण का एक हिस्सा है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थल है?
हाँ, यह मस्जिद स्थानीय लोगों और आगंतुकों के बीच एक सम्मानित स्थल है, जो मुख्य रूप से अपनी शांतिपूर्ण प्रार्थना और सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है। इसकी लोकप्रियता का एक संकेतक इसकी ऑनलाइन रेटिंग में 4.9 का उच्च स्कोर है, जो आगंतुकों की संतुष्टि को दर्शाता है।
इस मस्जिद की स्थापत्य शैली क्या है?
हालांकि विस्तृत वास्तुशिल्प विवरण सार्वजनिक रूप से सीमित हैं, सुन्नी मस्जिद-ए-उस्मान हारूनी सूरत जैसे शहर में भारतीय-इस्लामी डिजाइन के परंपरागत तत्वों को प्रदर्शित करती है, जो गुजरात में धार्मिक इमारतों की स्थानीय निर्माण शैली के साथ सामंजस्य बिठाती है।
क्या यह मस्जिद ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है?
मस्जिद का नाम हज़रत उस्मान हारूनी से जुड़ा हो सकता है, जो एक सम्मानित धार्मिक व्यक्तित्व थे, यह इसे स्थानीय इस्लामिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करता है। सूरत के व्यापारिक इतिहास में इसके स्थान के कारण, यह शहर के सामाजिक-धार्मिक ताने-बाने का एक अभिन्न अंग रही होगी।
