मस्जिद ए दर-उस-सलाम
मैसूर शहर की एक उत्कृष्ट धार्मिक एवं स्थापत्य कलाकृति, 'मस्जिद ए दर-उस-सलाम', भारत में मस्जिदों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख उदाहरण है। यह मस्जिद न केवल एक पूजास्थल है, बल्कि इस क्षेत्र की सामाजिक बुनावट में इस्लामी स्थापत्य कला के समावेश का एक सुंदर प्रतिबिंब भी है। इसका शांत वातावरण और आकर्षक डिज़ाइन इसे नगर के एक प्रमुख धार्मिक केन्द्र के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण स्थापत्य स्मारक का दर्जा प्रदान करता है, जो देश में धार्मिक सहिष्णुता और
[hostal_shortcode titulo="मस्जिद ए दर-उस-सलाम" direccion="8MJQ+HC2, Ali Miyan Rd, Shantinagara North, 2nd Stage, Rajiv Nagar, Mysuru, Karnataka 570019, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1272_1772081311.jpg" rating="4.7/5"]मस्जिद ए दर-उस-सलाम, मैसूर के शांतिनगर क्षेत्र में स्थित, एक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक ठिकाना है जो समुदाय के लिए केंद्र बिंदु के रूप में कार्य करता है। इसका स्थान (8MJQ+HC2, अली मियान रोड) और शांत वातावरण इसे नियमित इबादत और सामुदायिक सभाओं के लिए एक आदर्श स्थल बनाते हैं। यह मस्जिद अपनी साफ-सफाई, व्यवस्थित प्रबंधन और सभी आगंतुकों के लिए सहिष्णुता एवं स्वागत की भावना के लिए विशेष रूप से जानी जाती है, जो इसे शहर की एक प्रमुख धार्मिक संरचना बनाती है।
| बुधवार | 5am–10pm |
| गुरुवार | 5am–10pm |
| शुक्रवार | 5am–10pm |
| शनिवार | 5am–10pm |
| रविवार | 5am–10pm |
| सोमवार | 5am–10pm |
| मंगलवार | 5am–10pm |
अधिक जानकारी
मस्जिद ए दर-उस-सलाम कहाँ स्थित है?
यह मस्जिद मैसूर, कर्नाटक में स्थित है, जिसका विशिष्ट पता 8MJQ+HC2, अली मियाँ रोड, शांतिनगर नॉर्थ, द्वितीय चरण, राजीव नगर, मैसूर - 570019 है। यह स्थान भारत के दक्षिणी क्षेत्र में एक प्रमुख इस्लामिक धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है, जो स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
इस मस्जिद की क्या विशेषताएं हैं?
मस्जिद ए दर-उस-सलाम की प्रमुख विशेषता इसकी वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण है, जो इसके नाम 'शांति का घर' को सार्थक करता है। यह अपनी साफ-सफाई, व्यवस्थित प्रबंधन और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जानी जाती है, जिसकी पुष्टि इसके 4.7 के उच्च सार्वजनिक रेटिंग से होती है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है?
हाँ, यह मस्जिद आमतौर पर गैर-मुस्लिम पर्यटकों और दर्शनार्थियों के लिए भी खुली रहती है, बशर्ते वे उचित वेशभूषा का पालन करें और मस्जिद के नियमों एवं प्रार्थना के समय का सम्मान करें। यह मैसूर शहर के धार्मिक स्थलों में से एक है जो सभी को शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव प्रदान करता है।
मस्जिद की देखरेख और रखरखाव कैसे किया जाता है?
मस्जिद का प्रबंधन और रखरखाव स्थानीय मुस्लिम समुदाय और मस्जिद कमेटी द्वारा किया जाता है, जो दान और स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर है। यह नियमित सफाई, मरम्मत कार्य और धार्मिक शिक्षा कार्यक्रम चलाती है, जिससे यह एक सक्रिय और जीवंत धार्मिक संस्थान बनी रहती है।
