मस्जिद-ए-इलियास
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत में मस्जिदों का विशेष स्थान है, जो न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि वास्तुकला के अद्भुत नमूने भी प्रस्तुत करते हैं। इन्हीं में से एक है औरंगाबाद शहर में स्थित 'मस्जिद-ए-इलियास', जो अपनी अनूठी स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है। यह मस्जिद शहर के धार्मिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है और स्थानीय तथा आगंतुकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
[hostal_shortcode titulo="मस्जिद-ए-इलियास" direccion="V9Q3+VJ3, नुतन यशवंत हाउसिंग सोसायटी, Rahemania Colony, Jaswantpura, छत्रपती संभाजीनगर, महाराष्ट्र 431003, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1040_1772110518.jpg" rating="4.7/5"]यह ऐतिहासिक मस्जिद, जो नुतन यशवंत हाउसिंग सोसायटी के पास रहमानिया कॉलोनी में स्थित है, एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र के रूप में कार्य करती है। इसका केंद्रीय स्थान और शांत वातावरण समुदाय के लोगों के लिए इसे एक आदर्श स्थल बनाता है। यह न केवल नियमित प्रार्थनाओं के लिए, बल्कि धार्मिक शिक्षा और सामुदायिक सद्भाव के आयोजनों के लिए भी एक विश्वसनीय स्थान प्रदान करता है, जिससे यह क्षेत्र के निवासियों के जीवन में एक मूल्यवान संस्थान साबित होती है।
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अधिक जानकारी
मस्जिद-ए-इलियास कहाँ स्थित है?
मस्जिद-ए-इलियास छत्रपती संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र में रहमानिया कॉलोनी, जसवंतपुरा क्षेत्र में स्थित है। इसका सटीक पता नुतन यशवंत हाउसिंग सोसायटी के पास, V9Q3+VJ3 है और यह भारत के 431003 पिन कोड क्षेत्र में आती है।
इस मस्जिद की क्या विशेषता या महत्व है?
मस्जिद-ए-इलियास एक स्थानीय धार्मिक केंद्र के रूप में कार्य करती है और 4.7 की उच्च रेटिंग मिलना दर्शाता है कि यह समुदाय के लोगों के बीच आस्था और शांति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्थानीय मुस्लिम समुदाय की इबादत व सामाजिक एकजुटता का केंद्र है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों या दर्शनार्थियों के लिए खुली है?
हाँ, यह मस्जिद आम तौर पर नमाज़ के समय सभी के लिए खुली रहती है, लेकिन गैर-मुस्लिमों को अंदर जाने से पहले शिष्टाचार और नियमों का पालन करना चाहिए, जैसे कि उचित वस्त्र पहनना और नमाज़ के समय व्यवधान न डालना।
मस्जिद-ए-इलियास की वास्तुकला कैसी है?
इस मस्जिद की वास्तुकला में आधुनिक और पारंपरिक इस्लामिक डिज़ाइन का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें गुंबद और मीनार जैसे प्रमुख तत्व शामिल हैं। यह महाराष्ट्र में स्थित कई मस्जिदों की तरह एक सादगीपूर्ण और कार्यात्मक डिज़ाइन का अनुसरण करती है।
