नूर उल हक मस्जिद
संगली शहर की एक पहचान और भारत में मस्जिदों की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, 'नूर उल हक मस्जिद' अपनी वास्तुकलात्मक सुंदरता और धार्मिक एकता के प्रतीक के रूप में स्थापित है। यह मस्जिद न केवल एक इबादतगाह है, बल्कि शहर के सामाजिक-धार्मिक जीवन का केंद्रबिंदु भी है, जो भारत की विविधता में एकता की उस अद्भुत मिसाल को दर्शाती है, जहाँ सभी धर्म और समुदाय सद्भाव के साथ सह-अस्तित्व में हैं। इसका शांतिपूर्ण वातावरण और स्थापत्य कला आगंतुकों को आध्यात्मिक शांति के साथ
[hostal_shortcode titulo="नूर उल हक मस्जिद" direccion="Resham Complex, Ganesh Nagar, Patrakar Nagar, Sangli, Sangli Miraj Kupwad, Maharashtra 416416, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_2096_1772075259.jpg" rating="4.9/5"]नूर उल हक मस्जिद सांगली के पत्रकार नगर, गणेश नगर में रेसहैम कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक शांत और भव्य इबादतगाह है, जिसका प्रमुख लाभ इसकी सुविधाजनक स्थिति और व्यापक पार्किंग सुविधा है। यह मस्जिद न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि इसका साफ-सुथरा वातावरण और अच्छी तरह से व्यवस्थित प्रबंधन समुदाय के लोगों के लिए इसे एक आदर्श स्थान बनाता है। रमजान और अन्य विशेष अवसरों पर यहाँ होने वाले समाजिक कार्यक्रम भी इसकी सामुदायिक भूमिका को और मजबूत करते हैं।
| बुधवार | 5am–10:30pm |
| गुरुवार | 5am–10:30pm |
| शुक्रवार | 5am–10:30pm |
| शनिवार | 5am–10:30pm |
| रविवार | 5am–10:30pm |
| सोमवार | 5am–10:30pm |
| मंगलवार | 5am–10:30pm |
अधिक जानकारी
नूर उल हक मस्जिद कहाँ स्थित है?
यह मस्जिद महाराष्ट्र के सांगली जिले में पत्रकार नगर, गणेश नगर इलाके के रेशम कॉम्प्लेक्स के पास स्थित है, जिसका पूरा पता सांगली मिराज कुपवाड, महाराष्ट्र 416416, भारत है।
नूर उल हक मस्जिद को लोग कितना पसंद करते हैं?
इस मस्जिद को लोगों की ओर से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसकी रेटिंग 4.9 है, जो यह दर्शाता है कि यहाँ आने वाले लोग इसकी शांति और व्यवस्था से अत्यंत संतुष्ट हैं।
यह मस्जिद किस तरह के इलाके में बनी है?
नूर उल हक मस्जिद सांगली शहर के एक आवासीय और शांत इलाके पत्रकार नगर में बनी है, जो स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज़ अदा करने का एक मुख्य केंद्र बन गई है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए भी उपयुक्त है?
हालाँकि यह मुख्य रूप से स्थानीय इबादतगाह है, लेकिन भारत की स्थापत्य कला में रुचि रखने वाले पर्यटक यहाँ की सरल और सुंदर बनावट देखने आ सकते हैं, खासकर यदि वे सांगली के आसपास घूम रहे हों।
