लैतुम्ख्राह मस्जिद
भारत विविधताओं से भरा देश है, जहाँ अनेक धर्मों और संस्कृतियों के पवित्र स्थल एक साथ सद्भाव में स्थित हैं। इसी कड़ी में शिलांग शहर की 'लैतुम्ख्राह मस्जिद' एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के रूप में उभरती है। यह मस्जिद न केवल स्थानीय मुस्लिम समुदाय की आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समृद्धि का एक जीवंत प्रतीक भी है। शिलांग की प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह इमारत स्थापत्य कला का एक सुंदर नमूना प्रस्तुत करती है और देश में
[hostal_shortcode titulo="लैतुम्ख्राह मस्जिद" direccion="HV8X+6F4, Motinagar, Nongthymmai, Shillong, Meghalaya 793014, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_2319_1772073843.jpg" rating="4.2/5"]इस ऐतिहासिक लैतुम्ख्राह मस्जिद का स्थान, HV8X+6F4, मोतीनगर, नोंगथाइममई, शिलांग में, इसे एक प्रमुख धार्मिक एवं सामुदायिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है। यह न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है, जो शिलांग के परिदृश्य में इसके स्थायी महत्व और स्थानीय समुदाय के लिए इसके केंद्रीय योगदान को रेखांकित करता है।
अधिक जानकारी
लैतुम्ख्राह मस्जिद भारत के किस राज्य में स्थित है?
यह ऐतिहासिक मस्जिद भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजधानी शिलांग के नोंगथिम्मई इलाके में स्थित है, जो इस क्षेत्र में इस्लामिक वास्तुकला और धार्मिक सद्भाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
लैतुम्ख्राह मस्जिद का पता और स्थान क्या है?
लैतुम्ख्राह मस्जिद का सटीक पता HV8X+6F4, मोतीनगर, नोंगथिम्मई, शिलांग, मेघालय 793014 है, जो इसे स्थानीय निवासियों और आगंतुकों के लिए एक आसानी से पहुँच योग्य धार्मिक स्थल बनाता है।
क्या लैतुम्ख्राह मस्जिद एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है?
हाँ, अपनी शांतिपूर्ण वातावरण और आकर्षक डिजाइन के कारण, यह मस्जिद न केवल एक प्रार्थना स्थल है बल्कि शिलांग आने वाले पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय दर्शनीय स्थान भी है, जिसे आमतौर पर 4.2 की उच्च रेटिंग मिली है।
लैतुम्ख्राह मस्जिद की वास्तुकला की क्या विशेषता है?
इस मस्जिद की वास्तुकला पारंपरिक इस्लामिक तत्वों और स्थानीय मेघालयन शैली के सुंदर मिश्रण को प्रदर्शित करती है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक एकता का एक अनूठा प्रतीक है।
