दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड

दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड भारत की अनेक ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला से सुसज्जित मस्जिदों में से एक उल्लेखनीय उदाहरण है। यह मस्जिद तमिलनाडु राज्य के इरोड शहर में स्थित है और दावूदी बोहरा समुदाय की एक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र के रूप में जानी जाती है। इसकी वास्तुकला में इस्लामिक कला के साथ-साथ स्थानीय शैली के सुंदर समन्वय देखने को मिलते हैं, जो भारत की धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रतिबिंबित करती है। यह स्थान केवल आस्था का कें

[hostal_shortcode titulo="दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड" direccion="9P49+WJF, Vairapalayam, Erode, Tamil Nadu 638003, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1882_1772076714.jpg" rating="5/5"]

दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड एक शानदार धार्मिक एवं स्थापत्य स्थल है जो शहर के हृदय में स्थित है। इसका शांत वातावरण और अद्भुत नक्काशीदार डिज़ाइन सभी आगंतुकों को प्रभावित करती है। यह न केवल प्रार्थना का केंद्र है बल्कि समुदाय के सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसकी केंद्रीय स्थिति (9P49+WJF, वैरापलयम, इरोड) और सुव्यवस्थित प्रबंधन इसे एक विशेष स्थान बनाते हैं।

बुधवार24 घंटे
गुरुवार24 घंटे
शुक्रवार24 घंटे
शनिवार24 घंटे
रविवार24 घंटे
सोमवार24 घंटे
मंगलवार24 घंटे
विषय सूची

अधिक जानकारी

दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड कहाँ स्थित है?

यह मस्जिद तमिलनाडु राज्य के इरोड शहर के वैरापलयम इलाके में स्थित है, जिसका सटीक पता 9P49+WJF, Vairapalayam, Erode, Tamil Nadu 638003, भारत है और यह भारत में दावूदी बोहरा समुदाय की धार्मिक उपस्थिति का एक महत्वपूर्ण निशान है।

इस मस्जिद की वास्तुकला किस शैली की है?

दावूदी बोहरा मस्जिद, इरोड की वास्तुकला में इस्लामिक और समकालीन भारतीय शैलियों का सुंदर मेल देखने को मिलता है, जिसमें बोहरा समुदाय की विशिष्ट सजावटी तत्व और शिल्पकारी प्रमुखता से उभरकर आती है।

यह मस्जिद किस समुदाय से संबंधित है?

यह मस्जिद दावूदी बोहरा समुदाय से संबंधित है, जो शिया इस्लाम की एक शाखा है और भारत में अपनी अलग धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक एकजुटता के लिए जाना जाता है।

क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है?

हाँ, यह मस्जिद आमतौर पर पर्यटकों और दर्शनार्थियों के लिए खुली रहती है, लेकिन धार्मिक समय और सामुदायिक गतिविधियों का ध्यान रखते हुए यहाँ जाने से पहले उचित समय और शिष्टाचार के नियमों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए।