सुन्नी हुस्सैनी मस्जिद سنی حسینی مسجد

भारत की विविध धार्मिक संस्कृति में मस्जिदों का विशेष स्थान है, जहाँ इमारतें केवल इबादतगाह हैं बल्कि स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। बरेली शहर में स्थित सुन्नी हुस्सैनी मस्जिद इसी समृद्ध परंपरा का एक अंग है। यह मस्जिद शहर के मुस्लिम समुदाय के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र होने के साथ-साथ सामुदायिक सद्भाव और स्थानीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। इसका वास्तुशिल्प और धार्मिक महत्व इसे भारत की बहुलतावादी पहचान में एक विशिष्ट स्थान प्रद

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सुन्नी हुस्सैनी मस्जिद, जो अजाज नगर, बरेली के ऐतिहासिक पुराने शहर क्षेत्र में स्थित है, एक प्रमुख धार्मिक और सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करती है। यह मस्जिद आध्यात्मिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए सामाजिक एकजुटता का एक महत्वपूर्ण स्थल है। इसका रणनीतिक स्थान (बरेली-बिसलपुर रोड के निकट) और शांतिपूर्ण वातावरण इसे नियमित उपासकों और आगंतुकों के लिए समान रूप से एक पहुँच योग्य और श्रद्धेय स्थान बनाता है। यहाँ का अनुशासित प्रबंधन और सामुदायिक गतिविधियों में इसकी सक्रिय भूमिका इसे केवल एक धार्मिक इमारत से कहीं अधिक, एक व्यापक सामाजिक-धार्मिक संस्थान का दर्जा देती है।

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सुन्नी हुस्सैनी मस्जिद कहाँ स्थित है?

यह मस्जिद उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के अजज नगर, ओल्ड सिटी इलाके में सुन्नी हुस्सैनी मस्जिद वाली गली में स्थित है। पूरा पता बरेली-बिसलपुर रोड पर मुस्तफा मुन्ज़िल, अजाज नगर है और यह 243006 एरिया कोड के अंतर्गत आता है।

क्या यह मस्जिद शिया या सुन्नी है?

नाम से स्पष्ट है कि यह एक सुन्नी मस्जिद है, हालाँकि इसके नाम में 'हुस्सैनी' शब्द है। यह बरेली के ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों में से एक है और स्थानीय सुन्नी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण इबादतगाह है।

इस मस्जिद की क्या विशेषता है?

यह मस्जिद मुख्यतः स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक सक्रिय धार्मिक केंद्र है। यह ऐतिहासिक महत्व रखती है और बरेली के पुराने शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। आसपास का इलाका रिहायशी है और मस्जिद स्थानीय लोगों के दैनिक नमाज़ अदा करने का स्थान है।

क्या यहाँ गैर-मुस्लिम भी जा सकते हैं?

आम तौर पर भारत में अधिकांश मस्जिदों में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश श्रद्धा और उचित पोशाक के साथ अनुमत है, लेकिन यह व्यक्तिगत नियमों पर निर्भर करता है। यह एक स्थानीय मस्जिद है, इसलिए अनुमति लेना और समय का ध्यान रखना उचित रहेगा। शांति और सद्भाव का माहौल बनाए रखना यहाँ सबसे महत्वपूर्ण है।