बिलाली मस्जिद
लखनऊ शहर की ऐतिहासिक धरोहर में बिलाली मस्जिद एक विशिष्ट स्थान रखती है। भारत में मस्जिदों की वास्तुकला और सांस्कृतिक विविधता की समृद्ध परंपरा का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मस्जिद न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि शहर के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास का एक मूक गवाह भी है, जो लखनऊ की नवाबी संस्कृति और भारतीय इस्लामी स्थापत्य कला के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करती है।
[hostal_shortcode titulo="बिलाली मस्जिद" direccion="VVCF+6G6, Mari Mata Mandir Rd, Balaganj, Baraura Hussain Bari, Lucknow, Uttar Pradesh 226003, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_575_1772131428.jpg" rating="4.5/5"]बिलाली मस्जिद, लखनऊ के बालागंज क्षेत्र में स्थित (VVCF+6G6, मारी माता मंदिर रोड), एक ऐतिहासिक एवं स्थापत्य महत्व की धरोहर है। यह स्थल न सिर्फ एक शान्तिपूर्ण इबादतगाह प्रदान करता है, बल्कि इसके अद्वितीय नक़्क़ाशीदार गुम्बद और पारम्परिक लखनऊई वास्तुकला आगंतुकों को स्थानीय इतिहास व संस्कृति की गहरी समझ भी देते हैं। इसका केन्द्रीय स्थान एवं श्रद्धालु-अनुकूल वातावरण समुदाय के लिए इसे एक महत्वपूर्ण केन्द्र बनाता है, जो धार्मिक आयोजनों एवं सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने में सहायक है।
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अधिक जानकारी
बिलाली मस्जिद कहाँ स्थित है?
बिलाली मस्जिद भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ के बलागंज क्षेत्र में स्थित है। यह मस्जिद मारी माता मंदिर रोड पर, बाराउरा हुसैन बारी के पास, पते VVCF+6G6, लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226003 में स्थित एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है।
क्या बिलाली मस्जिद का कोई ऐतिहासिक महत्व है?
हां, बिलाली मस्जिद लखनऊ की समृद्ध इस्लामिक वास्तुकला और ऐतिहासिक धरोहर का एक हिस्सा है। हालांकि इसके निर्माण का विस्तृत इतिहास सर्वविदित नहीं है, लेकिन लखनऊ में मौजूद ऐसी कई मस्जिदें नवाबी युग की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं और शहर के साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक हैं।
बिलाली मस्जिद की रेटिंग क्या है?
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिलाली मस्जिद को आमतौर पर 4.5 स्टार की रेटिंग प्राप्त है। यह रेटिंग आगंतुकों द्वारा इसके शांत वातावरण, धार्मिक महत्व और देखभाल के आधार पर दी गई है, जो इसे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच एक सम्मानित स्थान बनाती है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है?
जी हां, बिलाली मस्जिद आमतौर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खुली रहती है, बशर्ते वे स्थानीय प्रथाओं और धार्मिक नियमों का पालन करें। यह सलाह दी जाती है कि नमाज के समय या धार्मिक अवसरों पर जाने से पहले उचित समय और दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर लें ताकि आपका अनुभव शांतिपूर्ण और सम्मानजनक रहे।
