पलाशदीहा मस्जिद

भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत में मस्जिदों का विशेष स्थान है, जो केवल धार्मिक केंद्र बल्कि स्थापत्य कला के अद्भुत उदाहरण भी हैं। इन्हीं में से एक है दुर्गापुर शहर स्थित 'पलाशदीहा मस्जिद', जो अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण जानी जाती है। यह मस्जिद नगर के धार्मिक जीवन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ सामुदायिक सद्भाव और आध्यात्मिक शांति का वातावरण विद्यमान है। इसके निर्माण और इतिहास में क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की झलक स्पष्ट द

[hostal_shortcode titulo="पलाशदीहा मस्जिद" direccion="RD-100, Palashdiha, City Center, Durgapur, West Bengal 713208, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1853_1772076945.jpg" rating="4.4/5"]

पलाशदीहा मस्जिद, आरडी-100, पलाशदीहा, शहर केंद्र, दुर्गापुर में स्थित है और यह क्षेत्र की एक प्रमुख धार्मिक एवं सामुदायिक संरचना है। इसका प्राथमिक लाभ केंद्रीय स्थान है जो नमाज़ के लिए आने वाले सभी लोगों के लिए सुगम पहुँच प्रदान करता है। यहाँ का वातावरण शांत और आध्यात्मिक है, जो प्रार्थना में एकाग्रता के लिए आदर्श है। मस्जिद का भवन साफ़-सुथरा और अच्छी तरह से रखरखाव वाला है, जिससे यहाँ आने वालों को सुविधा मिलती है। यह स्थान केवल धार्मिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

विषय सूची

अधिक जानकारी

पलाशदीहा मस्जिद कहाँ स्थित है?

यह मस्जिद पश्चिम बंगाल राज्य के दुर्गापुर शहर के सिटी सेंटर इलाके में, पलाशदीहा क्षेत्र में स्थित है। इसका सटीक पता RD-100, पलाशदीहा, दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल 713208, भारत है।

पलाशदीहा मस्जिद की क्या विशेषता है?

यह मस्जिद मुख्य रूप से दुर्गापुर के स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक सक्रिय इबादतगाह और सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करती है। इसकी वास्तुकला सादगी और व्यावहारिकता को दर्शाती है, जो शहर के धार्मिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है।

पलाशदीहा मस्जिद की रेटिंग क्या है?

सार्वजनिक फीडबैक के आधार पर, पलाशदीहा मस्जिद को आमतौर पर 4.4 की रेटिंग प्राप्त है, जो यह दर्शाता है कि यहाँ आने वाले लोग सफाई, शांति और सामान्य अनुभव से संतुष्ट हैं।

क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए उपयुक्त है?

यह मुख्यतः एक स्थानीय पूजा स्थल है, इसलिए यह उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण नहीं है जो ऐतिहासिक या वास्तुशिल्प आश्चर्य खोज रहे हैं। हालाँकि, कोई भी शांतिपूर्वक दर्शन कर सकता है, बशर्ते सादे कपड़े पहनें और प्रार्थना के समय का सम्मान करें।