नाखोदा मस्जिद

भारत की विविध धार्मिक संस्कृति में मस्जिदों का एक विशिष्ट स्थान है, जो न केवल इबादतगाह हैं बल्कि ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला के अद्भुत नमूने भी हैं। कोलकाता शहर के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नाखोदा मस्जिद इसी समृद्ध परंपरा का एक प्रमुख हिस्सा है। यह मस्जिद, जो देश की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक मानी जाती है, अपनी भव्य संरचना और स्थापत्य शैली के लिए जानी जाती है। यह न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि कोलकाता की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान में भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में
[hostal_shortcode titulo="नाखोदा मस्जिद" direccion="92, Rabindra Sarani, near Nakhuda masjid, International Airport, Motilal Colony, Rajbari, Dum Dum, Kolkata, West Bengal 700073, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_381_1772148191.jpg" como_llegar_url="https://nakhodamasjid.com/" rating="4.6/5"]नखोदा मस्जिद, कोलकाता का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक, अपनी भव्य वास्तुकला और विशाल आकार के लिए प्रसिद्ध है। यह मुस्लिम समुदाय के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है, जो शहर में सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है। इसका केंद्रीय स्थान (92, रवींद्र सरनी, दुम दुम) और ऑनलाइन उपस्थिति इसकी पहुंच और प्रभाव को और व्यापक बनाते हैं। यह स्थान न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत के रूप में समुदाय के लिए गर्व का विषय भी है।
| मंगलवार | 11am–9pm |
| बुधवार | 11am–9pm |
| गुरुवार | 11am–9pm |
| शुक्रवार | 11am–9pm |
| शनिवार | 11am–9pm |
| रविवार | 4:27am–11pm |
| सोमवार | 11am–9pm |
अधिक जानकारी
नाखोदा मस्जिद कोलकाता में कहाँ स्थित है?
नाखोदा मस्जिद कोलकाता के बराबाज़ार इलाके में 92, रवींद्र सराणी पर स्थित है। यह ऐतिहासिक चौरंगी रोड के निकट एक प्रमुख स्थल है और पूरे शहर में आसानी से पहुँचा जा सकता है, जो इसे पर्यटकों और नमाज़ियों के लिए एक केंद्रीय स्थान बनाता है।
नाखोदा मस्जिद की वास्तुकला की क्या विशेषता है?
इस मस्जिद की वास्तुकला अद्भुत है, जो मुगल स्थापत्य शैली से प्रेरित है। इसमें लाल बलुआ पत्थर, भव्य गुंबद, ऊँचे मीनार और जटिल नक्काशीदार गेटवे देखने को मिलते हैं, जो इसे भारत की सबसे आकर्षक मस्जिदों में से एक बनाते हैं।
नाखोदा मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
नाखोदा मस्जिद का निर्माण 1926 में कुटची मेमन समुदाय के एक व्यापारी अब्दुल रहीम ओस्मान द्वारा करवाया गया था। यह कोलकाता की सबसे बड़ी मस्जिद है और शहर के सांस्कृतिक एवं धार्मिक इतिहास का एक अभिन्न हिस्सा मानी जाती है।
नाखोदा मस्जिद जाने के लिए क्या जानकारी ज़रूरी है?
मस्जिद सभी के लिए खुली है और नमाज़ के समय विशेष रूप से जीवंत हो जाती है। आगंतुकों को उचित वस्त्र पहनने चाहिए और शांति बनाए रखनी चाहिए। इसकी 4.6 की उच्च रेटिंग इसके रखरखाव और अनुभव को दर्शाती है। अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://nakhodamasjid.com/ से प्राप्त की जा सकती है।
