लाल दादा मस्जिद

कोलकाता शहर के हृदय में स्थित 'लाल दादा मस्जिद' भारत में मस्जिदों की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य समृद्धि का एक जीवंत उदाहरण है। यह न केवल एक पूजास्थल है, बल्कि शहर की सांस्कृतिक बहुलता और साम्प्रदायिक सद्भाव का एक प्रतीक भी है। अपने विशिष्ट लाल रंग और वास्तुशिल्प के कारण पहचानी जाने वाली यह मस्जिद, सदियों से आस्था और इतिहास की मूक गवाह बनी हुई है, जो भारत की धार्मिक विविधता में इस्लामिक स्थापत्य कला के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है।
[hostal_shortcode titulo="लाल दादा मस्जिद" direccion="Hati Bagan, 15/1B, CIT Rd, Puddapukur, Entally, Kolkata, West Bengal 700014, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_392_1772148125.jpg" rating="4.7/5"]लाल दादा मस्जिद, हाथी बागान स्थित, न केवल एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है बल्कि इसका स्थान भी इसकी मुख्य विशेषता है जो इसे परिवहन के साधनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ बनाता है। यह मस्जिद स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक सामाजिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में कार्य करती है, जिससे आसपास के क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसकी पहचान और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को आकर्षित करते हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए निरंतर ग्राहक प्रवाह सुनिश्चित करता है।
| मंगलवार | 4:30am–10:30pm |
| बुधवार | 4:30am–10:30pm |
| गुरुवार | 4:30am–10:30pm |
| शुक्रवार | 4:30am–10:30pm |
| शनिवार | 4:30am–10:30pm |
| रविवार | 4:30am–10:30pm |
| सोमवार | 4:30am–10:30pm |
अधिक जानकारी
लाल दादा मस्जिद कहाँ स्थित है?
यह मस्जिद कोलकाता शहर के एंटाली इलाके में स्थित है, जिसका पता हाती बागान, 15/1बी, सी.आई.टी. रोड, पुड्डापुकुर, एंटाली, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700014, भारत है। यह स्थान स्थानीय लोगों और आगंतुकों के लिए एक प्रमुख पहचान रखता है।
लाल दादा मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
इस मस्जिद का नाम लाल दादा के नाम पर रखा गया है, जो इस क्षेत्र के एक प्रमुख और सम्मानित व्यक्ति थे। यह कोलकाता की स्थापत्य विरासत का एक हिस्सा है और शहर में इस्लामिक संस्कृति के ऐतिहासिक प्रभाव को दर्शाती है।
लाल दादा मस्जिद की वास्तुकला की क्या विशेषताएँ हैं?
मस्जिद की वास्तुकला में पारंपरिक इस्लामिक डिजाइन के तत्व देखे जा सकते हैं, जिसमें गुंबद और मीनारें शामिल हैं। यह लाल ईंटों से निर्मित हो सकती है, जो इसके नाम और बंगाल की स्थापत्य परंपरा से संबंधित है।
लाल दादा मस्जिद को 4.7 की रेटिंग क्यों मिली है?
4.7 की उच्च रेटिंग स्थानीय समुदाय और आगंतुकों द्वारा इसके शांतिपूर्ण वातावरण, धार्मिक महत्व और स्वच्छ रखरखाव के प्रति संतुष्टि को दर्शाती है। यह रेटिंग मस्जिद के प्रबंधन और यहाँ आने वाले लोगों के सकारात्मक अनुभव का परिणाम है।
