मस्जिद-E-गुल्लू खान (नाबिकोते)

भारत की धरती धार्मिक स्थलों की विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ हर इबादतगाह का अपना एक अनूठा इतिहास और स्थापत्य शैली है। इन्हीं में से एक है कडपा शहर की 'मस्जिद-ए-गुल्लू खान (नाबिकोते)', जो न केवल एक पूजा स्थल है बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। यह मस्जिद अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला और सदियों पुरानी मौजूदगी के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ इतिहास के जानकारों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
[hostal_shortcode titulo="मस्जिद-E-गुल्लू खान (नाबिकोते)" direccion="Nabikot, FRG9+93W, Kadapa, Kagithala Penta, Ravindra Nagar, Kadapa, Nagarajupeta, Andhra Pradesh 516001, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_2361_1772073594.jpg" telefono="+91 88862 98835" rating="4.6/5"]मस्जिद-ए-गुल्लू खान (नाबिकोते), नाबिकोते, कडपा में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो अपनी शांत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जानी जाती है। यह मस्जिद स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए प्रार्थना और सामुदायिक सभाओं का केंद्र है, जो न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देती है। इसका स्थापत्य सादगी और सुंदरता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है, जबकि सुविधाजनक स्थान (FRG9+93W, कागिथला पेंटा, रवींद्र नगर के निकट) इसे आसानी से पहुँच योग्य बनाता है। यहाँ का सुव्यवस्थित प्रबंधन और स्वच्छता विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो श्रद्धालुओं को एक सुखद अनुभव प्रदान करता है।
| गुरुवार | 5:30am–9pm |
| शुक्रवार | 5:30am–9pm |
| शनिवार | 5:30am–9pm |
| रविवार | 5:30am–9pm |
| सोमवार | 5:30am–9pm |
| मंगलवार | 5:30am–9pm |
| बुधवार | 5:30am–9pm |
अधिक जानकारी
मस्जिद-ए-गुल्लू खान (नाबिकोते) कहाँ स्थित है?
इस मस्जिद का सटीक पता नागाराजुपेटा, कडापा, आंध्र प्रदेश 516001 में है और यह रवींद्र नगर, कागिथला पेंटा क्षेत्र के निकट नाबिकोट में स्थित है। स्थानीय लोगों में यह मस्जिद-ए-गुल्लू खान के नाम से प्रसिद्ध है और यह भारत की विविध इस्लामिक विरासत का एक अनूठा उदाहरण है।
इस मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
माना जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण गुल्लू खान नामक एक स्थानीय धार्मिक व्यक्तित्व से जुड़ा है और यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यह कडापा के इतिहास में स्थानीय मुस्लिम समुदाय की आस्था और वास्तुकला का प्रतीक है।
मस्जिद की वास्तुकला कैसी है?
हालांकि विस्तृत वास्तुशिल्प विवरण सीमित हैं, परंतु यह मस्जिद दक्षिण भारतीय मस्जिद डिजाइन के तत्वों को प्रदर्शित करती है, जिसमें सादगी और कार्यात्मकता पर जोर दिया गया है। इसका स्थानीय निर्माण शैली में बना ढाँचा आगंतुकों को शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव कराता है।
आज यह मस्जिद समुदाय के लिए क्या भूमिका निभाती है?
यह मस्जिद स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज़ और धार्मिक सभाओं का एक सक्रिय केंद्र है और सभी धर्मों के लोगों के लिए सद्भाव और शांति का प्रतीक बनी हुई है। इसकी 4.6 की उच्च रेटिंग इसके रखरखाव और आगंतुकों के सकारात्मक अनुभव को दर्शाती है।
