राजधानी मस्जिद

गुवाहाटी शहर की शान मानी जाने वाली राजधानी मस्जिद, भारत की समृद्ध इस्लामिक विरासत का एक प्रमुख प्रतीक है। यह ऐतिहासिक मस्जिद न केवल असम की राजधानी में एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सद्भाव की मिसाल भी पेश करती है। भारत में मस्जिदों का वास्तुकला और सामाजिक-धार्मिक इतिहास अत्यंत गहरा है, और राजधानी मस्जिद इसी सांस्कृतिक ताने-बाने का एक अभिन्न हिस्सा है, जो आस्था, इतिहास और कला के अद्भुत संगम को दर्शाती है।
[hostal_shortcode titulo="राजधानी मस्जिद" direccion="4QRP+JGP, Hatigaon Bhetapara Rd, Mula Gabharu Path, Hatigaon, Guwahati, Assam 781006, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1378_1772080671.jpg" telefono="+91 70020 53950" rating="4.4/5"]राजधानी मस्जिद गुवाहाटी में एक प्रमुख धार्मिक और सामुदायिक केंद्र है, जो शांतिपूर्ण प्रार्थना और सामुदायिक एकजुटता के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करती है। इसका स्थान (4QRP+JGP, हाटीगांव) आसान पहुंच सुनिश्चित करता है, जबकि यहाँ का वातावरण आध्यात्मिक शांति और भाईचारे को बढ़ावा देता है। संपर्क सूत्र (+91 70020 53950) पर व्यवस्था की जा सकती है। यह मस्जिद न केवल धार्मिक अनुष्ठानों, बल्कि शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों का भी एक सक्रिय केंद्र है, जो इसे समुदाय के लिए एक मूल्यवान संसाधन बनाती है।
अधिक जानकारी
राजधानी मस्जिद कहाँ स्थित है?
राजधानी मस्जिद गुवाहाटी, असम में हातीगाँव इलाके में 4QRP+JGP, हातीगाँव भेटापारा रोड, मूला गभारू पथ पर स्थित है, जिसका पूरा पता 781006 है। यह शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
राजधानी मस्जिद की समीक्षा या रेटिंग क्या है?
राजधानी मस्जिद को आगंतुकों और श्रद्धालुओं से आम तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसकी रेटिंग 4.4 स्टार है, जो इसे एक शांत और सुव्यवस्थित इबादतगाह के रूप में स्थापित करती है।
क्या राजधानी मस्जिद से संपर्क करने का कोई फोन नंबर है?
हाँ, राजधानी मस्जिद से प्रशासनिक या किसी अन्य जानकारी के लिए +91 70020 53950 इस संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
भारत में मस्जिद के रूप में राजधानी मस्जिद का क्या महत्व है?
भारत में धार्मिक स्थलों के नेटवर्क में राजधानी मस्जिद असम क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लिए एक केंद्रीय इबादतगाह के रूप में कार्य करती है, जो सामुदायिक एकता और धार्मिक प्रथाओं के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाती है।
