दरगाह घेरा मस्जिद

'दरगाह घेरा मस्जिद' पटना शहर के ऐतिहासिक परिदृश्य में एक विशिष्ट स्थान रखती है। भारत में मस्जिदों की समृद्ध परंपरा के अंतर्गत यह इमारत न केवल एक पूजास्थल है, बल्कि सदियों से चली आ रही स्थानीय संस्कृति, वास्तुकला और सामाजिक सद्भाव का एक जीवंत प्रतीक भी है। यह मस्जिद अपने अनूठे नाम और इतिहास के साथ श्रद्धा, इतिहास और स्थापत्य कला के मेल को दर्शाती है, जो भारत की धार्मिक विविधता और साझा विरासत की गाथा का एक अभिन्न अंग है।
[hostal_shortcode titulo="दरगाह घेरा मस्जिद" direccion="J57J+366, Dargah Rd, Sultanganj, Muhammadpur, Patna, Bihar 800006, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_725_1772123417.jpg" rating="4.6/5"]यह ऐतिहासिक स्थल पटना के हृदय में स्थित एक शांत और आध्यात्मिक आश्रय स्थान है, जो इसके सांस्कृतिक महत्व और स्थापत्य सुंदरता के लिए जाना जाता है। दरगाह और मस्जिद परिसर आगंतुकों को शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता है, जो प्रार्थना और चिंतन के लिए आदर्श है। यहाँ का रखरखाव और शांत वातावरण इसे धार्मिक यात्रा और स्थानीय इतिहास में रुचि रखने वाले सभी के लिए एक उल्लेखनीय स्थान बनाता है।
| बुधवार | 5am–10pm |
| गुरुवार | 5am–10pm |
| शुक्रवार | 5am–10pm |
| शनिवार | 5am–10pm |
| रविवार | 5am–10pm |
| सोमवार | 5am–10pm |
| मंगलवार | 5am–10pm |
अधिक जानकारी
दरगाह घेरा मस्जिद कहाँ स्थित है?
यह ऐतिहासिक मस्जिद पटना, बिहार के सुल्तानगंज इलाके में स्थित है। इसका पूरा पता जे५७जे+३६६, दरगाह रोड, मुहम्मदपुर, पटना, बिहार ८००००६, भारत है और यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है।
दरगाह घेरा मस्जिद का क्या ऐतिहासिक महत्व है?
यह मस्जिद एक सूफी दरगाह के समीप स्थित होने के कारण विशेष मानी जाती है, जो इसके नाम से भी प्रकट होता है। यह भारत में इस्लामिक स्थापत्य कला और सूफी परंपराओं के साथ-साथ साम्प्रदायिक सद्भाव का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जिससे इसका ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है।
दरगाह घेरा मस्जिद की रेटिंग क्या है?
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दरगाह घेरा मस्जिद को आगंतुकों द्वारा ४.६ की एक उत्कृष्ट रेटिंग प्राप्त है। यह उच्च रेटिंग इस स्थान की आध्यात्मिक शांति, स्थापत्य सुंदरता और रखरखाव के प्रति संतुष्टि को दर्शाती है।
मस्जिद जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
मस्जिद में जाने का सबसे अनुकूल समय सर्दियों के महीने (अक्टूबर से मार्च) होता है, जब मौसम सुहावना रहता है। इसके अतिरिक्त, इस्लामिक पर्वों या उर्स जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर आना अधिक लाभकारी हो सकता है, क्योंकि तब यहाँ का वातावरण और भी अधिक आध्यात्मिक एवं जीवंत होता है।
