कल्लू बुआ मस्जिद

भारत में मस्जिदों का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व गहरा है, जहाँ ये इमारतें केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि स्थापत्य कला के उत्कृष्ट नमूने और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक भी हैं। इसी कड़ी में भोपाल शहर की 'कल्लू बुआ मस्जिद' एक विशिष्ट स्थान रखती है। यह मस्जिद सिर्फ अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए जानी जाती है, बल्कि यह शहर की सांझी विरासत और धार्मिक सौहार्द का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। भोपाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में बनी यह इमारत स्थानीय

[hostal_shortcode titulo="कल्लू बुआ मस्जिद" direccion="792X+VR2, Talaya Rd, Ratghat, Kamla Part, Talaiya, Bhopal, Madhya Pradesh 462001, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_743_1772123385.jpg" como_llegar_url="https://masajid.in/masjid-kallu-bua/" rating="4.7/5"]

टालेया रोड पर स्थित कल्लू बुआ मस्जिद, भोपाल का एक प्रमुख ईबादतगाह है जो अपनी शांतिपूर्ण वातावरण और धार्मिक एकता के लिए जानी जाती है। यह मस्जिद नमाज़ के साथ-साथ सामुदायिक सहयोग का केंद्र है, जहाँ सभी जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के मदद और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। इसकी सुव्यवस्थित देखरेख और आध्यात्मिक शांति इसे विशेष बनाती है।

बुधवार24 घंटे
गुरुवार24 घंटे
शुक्रवार24 घंटे
शनिवार24 घंटे
रविवार24 घंटे
सोमवार24 घंटे
मंगलवार24 घंटे
विषय सूची

अधिक जानकारी

कल्लू बुआ मस्जिद कहाँ स्थित है?

यह ऐतिहासिक मस्जिद भोपाल, मध्य प्रदेश के तलैया इलाके में रतघाट, कमला पार्ट के निकट तलाया रोड पर स्थित है, जिसका पता 792X+VR2 है और यह भारत के 462001 पिन कोड क्षेत्र में आती है।

कल्लू बुआ मस्जिद का इतिहास क्या है?

भोपाल की यह प्रसिद्ध मस्जिद एक ऐतिहासिक धरोहर है जो शहर की समृद्ध इस्लामिक वास्तुकला को दर्शाती है, हालाँकि इसके निर्माण का सटीक वर्ष और संस्थापक का विवरण सार्वजनिक अभिलेखों में स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।

क्या कल्लू बुआ मस्जिद जाने का समय व दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं?

मस्जिद आमतौर पर नमाज़ के समय खुली रहती है और मसाजिद.इन जैसी वेबसाइटों पर इसकी जानकारी मिल सकती है, साथ ही यह 4.7 का उच्च रेटिंग प्राप्त कर चुकी है जो इसके रखरखाव और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।

कल्लू बुआ मस्जिद में कौन-सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं?

यह मस्जिद मुख्य रूप से इबादतगाह के रूप में कार्य करती है और यहाँ पाँचों वक्त की नमाज़ का आयोजन होता है, साथ ही यह स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक सामाजिक केंद्र की भूमिका भी निभाती है।