हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद (लाल मस्जिद)
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मालेगाँव शहर की एक प्रमुख धार्मिक इमारत, हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद, जिसे स्थानीय रूप से 'लाल मस्जिद' के नाम से जाना जाता है, भारत की समृद्ध इस्लामिक विरासत का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मस्जिद न केवल शहर के मुस्लिम समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण इबादतगाह है, बल्कि इसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व इसे देश की विविध सांस्कृतिक पहचान का एक अभिन्न अंग बनाते हैं। अपनी विशिष्ट लाल रंग की इमारत के कारण पहचानी जाने वाली यह मस्जिद, भार
[hostal_shortcode titulo="हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद (लाल मस्जिद)" direccion="GHX4+4G9, Mashriqui Iqbal Rd, Malegaon, Maharashtra 423203, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1700_1772078265.jpg" rating="4.9/5"]हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद (लाल मस्जिद), जो मालेगांव, महाराष्ट्र में GHX4+4G9, मशरिकी इकबाल रोड पर स्थित है, एक उत्कृष्ट व्यावसायिक अवसर प्रस्तुत करती है। यह स्थान न केवल धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र है बल्कि इसके आसपास होटल, रेस्तरां, व स्मृति चिन्ह की दुकानों के लिए स्थायी ग्राहक आधार भी उपलब्ध कराता है। मस्जिद की वास्तुशिल्पिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिससे इस क्षेत्र में किसी भी व्यवसाय के लिए निरंतर फुटफॉल और उच्च राजस्व की संभावना सुनिश्चित होती है। स्थानीय समुदाय और आगंतुकों की सेवा करने वाले उद्यमों के लिए यह एक लाभप्रद स्थान साबित हो सकता है।
| बुधवार | 6am–9pm |
| गुरुवार | 6am–9pm |
| शुक्रवार | 6am–9pm |
| शनिवार | 6am–9pm |
| रविवार | 6am–9pm |
| सोमवार | 6am–9pm |
| मंगलवार | 6am–9pm |
अधिक जानकारी
यह मस्जिद कहाँ स्थित है और इसका पता क्या है?
लाल मस्जिद के नाम से प्रसिद्ध हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद महाराष्ट्र राज्य के मालेगांव शहर में स्थित है। इसका सटीक पता मशरिकी इकबाल रोड पर है और यह GHX4+4G9 लोकेशन के पास स्थित है, जो भारत में एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में जानी जाती है।
इस मस्जिद को 'लाल मस्जिद' क्यों कहा जाता है?
इस मस्जिद के लाल मस्जिद नाम से प्रसिद्ध होने का प्रमुख कारण इसकी विशिष्ट वास्तुकला और बाहरी रंग-योजना है। मस्जिद की इमारत में लाल रंग के पत्थर या ईंटों का प्रभावी उपयोग किया गया है, जिसके कारण यह आसपास के क्षेत्र में सुसज्जित और पहचानने योग्य है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है और इसकी रेटिंग क्या है?
हाँ, यह मस्जिद आम जनता और दर्शनार्थियों के लिए खुली है। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोगों द्वारा दिए गए समीक्षाओं के आधार पर, इस स्थान को 4.9 जैसी उत्कृष्ट रेटिंग प्राप्त है, जो इसकी साफ-सफाई, शांतिपूर्ण वातावरण और सुंदरता को दर्शाती है।
हाजी अब्दुर-रौफ मस्जिद की क्या विशेषता है?
इस मस्जिद की मुख्य विशेषता इसकी शानदार संरचना और स्थापत्य कला है, जो देखने वालों को मुग्ध कर देती है। यह केवल एक इबादतगाह ही नहीं, बल्कि मालेगांव के सांस्कृतिक और स्थापत्य इतिहास का एक प्रतिबिंब भी है, जो धार्मिक सद्भाव का एक जीवंत केंद्र है।
