جامع مسجد گورکھپور
गोरखपुर शहर की एक प्रमुख धार्मिक इस्थान, जामा मस्जिद गोरखपुर भारत की समृद्ध इस्लामिक विरासत का एक सजीव उदाहरण है। यह मस्जिद न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पूजा स्थल है, बल्कि यह शहर के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने का एक अभिन्न अंग भी है। भारत में मस्जिदों का इतिहास सहिष्णुता, स्थापत्य कला और सामुदायिक सद्भाव की एक लंबी गाथा कहता है, और गोरखपुर की यह जामा मस्जिद इसी गाथा का एक महत्वपूर्ण पृष्ठ है। यहां का शांत वातावरण और आध्यात्मिक महत्व इसे विशेष बन
[hostal_shortcode titulo="جامع مسجد گورکھپور" direccion="P9V4+MWR, Shahmaroof Rd, Urdu Bazar, Qazipur Khurd, Gorakhpur, Uttar Pradesh 273001, भारत" imagen_url="https://nearmei.in/wp-content/uploads/2026/02/external_image_1651_1772078657.jpg" rating="4.7/5"]جامع مسجد گورکھپور شہر کا ایک اہم مذہبی و سماجی مرکز ہے جو شاہ معروف روڈ پر واقع ہے۔ یہ مسجد نہ صرف عبادت کا ایک پرسکون ماحول فراہم کرتی ہے بلکہ یہ اجتماعیت کو فروغ دینے اور تعلیمی سرگرمیوں کا گہوارہ بھی ہے۔ اس کا مرکزی مقام اور وسیع صحن نمازیوں کی بڑی تعداد کے لیے موزوں ہے، جو اسے برادری کے لیے ایک قابل اعتماد اور باوقار ادارہ بناتا ہے۔
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अधिक जानकारी
गोरखपुर की जामा मस्जिद कहाँ स्थित है?
गोरखपुर की जामा मस्जिद शाहमारूफ रोड, उर्दू बाज़ार, काजीपुर खुर्द इलाके में स्थित है, जिसका पता P9V4+MWR, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश 273001 है। यह शहर के एक प्रमुख और ऐतिहासिक क्षेत्र में मौजूद है, जो आसानी से पहुँच के दायरे में आता है और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक केंद्रीय स्थल है।
क्या यह मस्जिद पर्यटकों के लिए खुली है?
हाँ, जामा मस्जिद गोरखपुर आम तौर पर सभी आगंतुकों के लिए खुली रहती है, बशर्ते वे इसके नियमों और शिष्टाचार का पालन करें। हालाँकि, नमाज़ के समय का ख़ास ख्याल रखना चाहिए और प्रार्थना में व्यवधान नहीं डालना चाहिए। मस्जिद की सुंदर वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण इसे एक आकर्षक स्थान बनाते हैं।
इस मस्जिद की विशेषता क्या है?
गोरखपुर की जामा मस्जिद अपने शानदार वास्तुशिल्प डिज़ाइन, विशाल प्रार्थना हॉल और शांत आंगन के लिए जानी जाती है। यह न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि सामुदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। लोगों द्वारा दिए गए 4.7 के उच्च रेटिंग से इसके रखरखाव और महत्व का पता चलता है।
क्या यहाँ गैर-मुस्लिम भी आ सकते हैं?
जी हाँ, गैर-मुस्लिम लोग भी इस मस्जिद में आ सकते हैं और इसकी स्थापत्य कला की सराहना कर सकते हैं। यह साम्प्रदायिक सद्भाव का एक बेहतरीन उदाहरण है। आगंतुकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे विनम्र रहें, उचित कपड़े पहनें और मस्जिद के पवित्र माहौल का सम्मान करें।
