इस्लामपुर बैतूल मामूर मस्जिद

भारत में मस्जिदें सदियों से धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत का भी प्रतिनिधित्व करती आई हैं। पश्चिम बंगाल के आसनसोल शहर में स्थित इस्लामपुर बैतूल मामूर मस्जिद इसी समृद्ध परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मस्जिद केवल शहर के मुस्लिम समुदाय के लिए एक प्रमुख इबादतगाह है, बल्कि इसकी विशिष्ट स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व इसे क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर भी बनाते हैं। यह उन अनेक मस्जिदों में से एक है जो भारत की धार्मिक

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इस्लामपुर बैतूल मामूर मस्जिद, जो एमएक्सजीसी+एक्स54, मास्टर पारा, इस्लामपुर, पाठक बाड़ी, आसनसोल में स्थित है, एक प्रमुख धार्मिक और सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करती है। इसकी प्रमुख विशेषता यहाँ का सुव्यवस्थित और शांत वातावरण है, जो ध्यान और इबादत के लिए आदर्श स्थान प्रदान करता है। मस्जिद का स्पष्ट ध्वनि प्रसारण तंत्र सुनिश्चित करता है कि प्रार्थना और उपदेश हर उपस्थित व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचे। इसका केंद्रीय स्थान आसपास के मुस्लिम समुदाय के लिए सामूहिक प्रार्थना, त्योहारों के आयोजन और धार्मिक शिक्षा को सुगम बनाता है, जिससे यह स्थान न केवल आध्यात्मिक बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है।

बुधवार4:30am–10:30pm
गुरुवार4:30am–10:30pm
शुक्रवार4:30am–10:30pm
शनिवार4:30am–10:30pm
रविवार4:30am–10:30pm
सोमवार4:30am–10:30pm
मंगलवार4:30am–10:30pm
विषय सूची

अधिक जानकारी

इस्लामपुर बैतूल ममूर मस्जिद कहाँ स्थित है?

यह मस्जिद पश्चिम बंगाल के आसनसोल शहर के इस्लामपुर इलाके में स्थित है। सटीक पता एमएक्सजीसी+एक्स54, मास्टर पारा, पाठक बाड़ी है और यह भारत के 713301 पिन कोड क्षेत्र में आती है, जो इसे क्षेत्र के निवासियों के लिए एक प्रमुख इबादतगाह बनाती है।

इस मस्जिद की वास्तुकला कैसी है?

बैतूल ममूर नाम, जिसका अर्थ भरा-पूरा घर है, एक आकर्षक गुंबद और सुंदर मीनारों वाली पारंपरिक इस्लामी वास्तुकला की ओर इशारा करता है। हालाँकि विस्तृत स्थापत्य विवरण सार्वजनिक रूप से सीमित हैं, लेकिन यह भारत में मस्जिदों के सामान्य सांस्कृतिक और धार्मिक डिजाइन को दर्शाती है।

क्या यह मस्जिद सभी के लिए खुली है?

जी हाँ, अधिकांश भारतीय मस्जिदों की तरह, इस्लामपुर बैतूल ममूर मस्जिद भी आम तौर पर सभी आगंतुकों के लिए खुली रहती है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो। हालाँकि, शुक्रवार की नमाज़ के दौरान और धार्मिक त्योहारों पर विशेष सम्मान और उचित वेशभूषा का पालन करना महत्वपूर्ण है।

यह मस्जिद स्थानीय समुदाय में क्या भूमिका निभाती है?

यह मस्जिद न केवल नमाज़ और धार्मिक समारोहों का केंद्र है, बल्कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक सामाजिक और शैक्षिक केंद्र के रूप में भी कार्य करती है। यह लोगों को जोड़ने, धार्मिक शिक्षा प्रदान करने और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।